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“हमें उजाड़ने की साज़िश!”– ड्रोन सर्वे की घोषणा के बाद पाँच गांवों में उबाल, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

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रुपेश महंत जिला ब्यूरो कोरबा “हमें उजाड़ने की साज़िश!”– ड्रोन सर्वे की घोषणा के बाद पाँच गांवों में उबाल, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

छत्तीसगढ़/कोरबा : एसईसीएल की कोरबा क्षेत्र अंतर्गत करतली ईस्ट परियोजना को लेकर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं.पाली-तानाखार क्षेत्र के विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम की अगुवाई में प्रभावित 5 गांव के ग्रामीणों की बैठक पाली के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई.सभी ने एक स्वर में ड्रोन सर्वे का विरोध दर्ज कराते हुए कहा है कि यदि जोर जबरदस्ती की जाएगी तो ग्रामीण इसका डटकर मुकाबला करने को तैयार हैं.

मांगों को पूरा करते हुए साफ-सुथरा कार्य करने की अपेक्षा एसईसीएल प्रबन्धन व जिला प्रशासन से जताई गई है।

हमारे वरिष्ठ समाचार सहयोगी ने बताया कि परियोजना हेतु ग्राम पुटा तहसील हरदीबाजार की भूमि का अधिग्रहण हेतु सी.बी.ए (कोल बीयरिंग एक्ट) के तहत धारा 9 (1) का प्रकाशन 23.02.2011 एवं धारा 11 का प्रकाशन 14.09.2011 को किया गया है.इसके सम्बन्ध में एसईसीएल कोरबा के नोडल अधिकारी (भू-राजस्व) के व्दारा पत्र प्रदान किया गया है जिसमें एसईसीएल कोरबा क्षेत्र व्दारा 10.12.2025 से 20.12.2025 के मध्य ड्रोन सर्वे कराये जाने की सूचना प्रदान की गई है.

इस सूचना के बाद ग्राम पंचायत पुटा, उड़ता, नुनेरा, डोंगानाला, करतली के ग्रामीणों ने ड्रोन सर्वे कराये जाने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए विरोध किया है.विधायक सहित ग्रामीणों का कहना है कि एसईसीएल की कोरबा जिले में संचालित अन्य परियोजनाओं के भूविस्थापितों के साथ हो रहे अन्याय को देख रहे हैं.

आज वर्षों बाद भी वे अपने नौकरी, मुआवजा, सुविधायुक्त बसाहट को लेकर संघर्ष कर ही रहे हैं किंतु यहां ऐसा नहीं होने दिया जाएगा.विधायक ने भी उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि सारे काम नियमों के तहत किए जाएं. ड्रोन सर्वे के संबंध में ग्रामीणों ने अपनी आपत्ति जताते हुए कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुविभाग पाली व महाप्रबंधक एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के नाम ज्ञापन सौंपा है।

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