धान बिक्री नहीं होने से किसान परेशान, युवा कांग्रेस उग्र आंदोलन की चेतावनी: रहमान खान।
धान बिक्री नहीं होने से किसान परेशान, युवा कांग्रेस उग्र आंदोलन की चेतावनी: रहमान खान।
छत्तीसगढ़/कोरबा:- छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है लेकिन कोरबा जिले के किसानों को अब भी टोकन और खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है. जिससे किसान परेशान हैं।
कटघोरा युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि रहमान खान ने बताया कि कोरबा जिले के छुरी धान खरीदी उपार्जन केंद्र में पहुंचकर किसानों से मुलाकात किये, जहां सीमांत किसानों का टोकन काटा जा रहा वो कम मात्रा में वहीं लघु व दीर्घ किसानों की श्रेणी में आने वाले किसानों को धान उपार्जन केंद्र से मायूस लौटना पड़ रहा हैं, लघु व दीर्घ किसानों न तो टोकन तुंहर हाथ एप्प में धान की मात्रा दिख रहा न तो धान उपार्जन केन्द्रों में टोकन कट रहा हैं, धान खरीदी 40 दिन बीत चुका लेकिन लघु और दीर्घ किसानो भारी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा हैं।
आगे खान ने भाजपा सरकार को निशाना साधते हुए कहा कि सरकार टोकन तुंहर हाथ एप्प को कुछ इस तरह अपडेट किया गया है जिसमें सीमांत किसानों को धान की मात्रा दिख रहा बाकी लघु व दीर्घ किसानों धान की मात्रा शून्य दिख रहा है जो किसानों के साथ सरकार झल कर रहा, भाजपा सरकार का मंशा ही नहीं है धान खरीदी करने के लिए। धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी का लिमिट कम कर दिया गया हैं। जहां हजार किवंटल प्रति खरीदी कांग्रेस सरकार कर रहा था उसे कम करके पांच सौ किवंटल खरीदी कर रहा हैं। अगर इस तरह किसानों का समस्या बना रहा तो बहुत जल्द युवा कांग्रेस कटघोरा विधानसभा टीम सड़कों में उतर कर उग्र आंदोलन करेंगा। ग्राम अरदा के एक किसान से मिले जो काफी चिंतित था जिसका कहना था 15 दिनों से टोकन लेने धान उपार्जन केंद्र छुरी में आ रहे हैं लेकिन लघु किसानों के श्रेणी में आने की बात कह कर वापस भेज दिया जाता है, टोकन तुंहर हाथ एप्प में कई बार 12 बजे रात तक जागकर काटने का प्रयास किया हुं, उसके बाद भी टोकन तुंहर हाथ एप्प में धान की मात्रा शून्य दिख रहा है, सरकार द्वारा टोकन तुंहर एप्प कुछ इस तरह अपडेट किया गया कि लघु व दीर्घ किसानों को धान की मात्रा शून्य दिख रहा है जोकि भाजपा सरकार किसानों के साथ भेदभाव कर रहा हैं, मेरा सोसायटी में कर्ज हैं, बेटी की शादी करनी हैं, अगर इस वर्ष धान खरीदी नहीं हुआ तो आत्महत्या करना पड़ेगा।
