बांकीमोंगरा में उत्कल समाज का अखंड हरि संकीर्तन जल-कलश यात्रा से हुआ भव्य आगाज, भक्तिरस में डूबा नगर।
बांकीमोंगरा में उत्कल समाज का अखंड हरि संकीर्तन जल-कलश यात्रा से हुआ भव्य आगाज, भक्तिरस में डूबा नगर।

उत्कल समाज द्वारा आयोजित 36वां 2 दिवसीय अखंड हरि संकीर्तन अष्टप्रहरी का आज भव्य एवं भक्तिपूर्ण शुभारंभ हुआ। आयोजन की शुरुआत शाम 4 बजे जल-कलश यात्रा के साथ की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढोल-मृदंग, करताल और संकीर्तन के मधुर स्वर के बीच निकली जल यात्रा ने पूरे नगर को भक्ति के रंग में रंग दिया।
इस पावन आयोजन में 24 घंटे अनवरत भजन-कीर्तन किया जाएगा, संकीर्तन के दौरान “हरे राम हरे कृष्ण” के संगीतमय जाप से संपूर्ण वातावरण भक्तिरस में डूबा रहेगा। श्रद्धालु भगवान के नाम-स्मरण में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं।
उत्कल समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की पूजा-अर्चना और भक्ति भाव से प्रेरित होकर इस अखंड हरि संकीर्तन की परंपरा की शुरुआत 36 वर्ष पूर्व की गई थी। तब से यह आयोजन हर वर्ष निरंतर श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह के साथ संपन्न होता आ रहा है। यह आयोजन नगर की अखंड हरि नाम संकीर्तन समिति उत्कल समाज के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें समाज के साथ-साथ नगरवासियों की भी सक्रिय सहभागिता रहती है।
आयोजन समिति ने नगर एवं आसपास के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस भक्तिपूर्ण संकीर्तन में भाग लेने की अपील की है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करता है, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को भी सशक्त करता है।

