देवपहरी संच केंद्र में धूमधाम से मनाया गया होली मिलन कार्यक्रम, आचार्यों ने गुलाल लगाकर दी एक-दूसरे को शुभकामनाएं।
सुनील दास कि रिपोर्ट:देवपहरी संच केंद्र में धूमधाम से मनाया गया होली मिलन कार्यक्रम, आचार्यों ने गुलाल लगाकर दी एक-दूसरे को शुभकामनाएं।

देवपहरी/कोरबा:-एकल अभियान अंचल कोरबा के सुदूर वनांचल एवं दूरस्थ पिछड़े क्षेत्र संच केंद्र देवपहरी में होली पर्व के अवसर पर होली मिलन कार्यक्रम हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संच केंद्र से जुड़े आचार्यगण, कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन एकत्रित होकर आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान सभी आचार्यगणों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। वातावरण में होली के रंग और उल्लास की झलक साफ दिखाई दे रही थी। सभी ने मिलकर पारंपरिक तरीके से होली मिलन उत्सव मनाया और आपसी एकता एवं भाईचारे को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस होली मिलन कार्यक्रम में संच केंद्र देवपहरी के आचार्यगणों के साथ संच समिति के सचिव कृष्णा कुमार कंवर विशेष रूप से उपस्थित रहे। कृष्णा कुमार कंवर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उपखंड देवघाटी के सहकार्यवाह भी हैं। उनके साथ संच प्रशिक्षक चंद्रा कुमार राठिया भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अवसर पर संच समिति सचिव कृष्णा कुमार कंवर ने उपस्थित आचार्यगणों को संबोधित करते हुए कहा कि एकल अभियान का उद्देश्य केवल शिक्षा देना ही नहीं बल्कि समाज में जागरूकता, संस्कार और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्य करने वाले आचार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उनके प्रयासों से गांव-गांव में शिक्षा और संस्कार की ज्योति जल रही है।
उन्होंने सभी आचार्यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी वे अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं, जो सराहनीय है। उन्होंने आचार्यों को अपने कार्य के प्रति और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने तथा गांवों में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
वहीं संच प्रशिक्षक चंद्रा कुमार राठिया ने भी सभी को होली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली का त्योहार प्रेम, भाईचारे और आपसी सद्भाव का प्रतीक है। यह पर्व हमें सभी भेदभाव भुलाकर एक साथ मिलजुलकर रहने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के दौरान सभी आचार्यों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली मिलन किया और सामाजिक एकता का संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम में हर्ष और उल्लास का माहौल बना रहा। अंत में सभी ने मिलकर क्षेत्र की उन्नति, समाज की प्रगति और राष्ट्र के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
यह होली मिलन कार्यक्रम वनांचल क्षेत्र में सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का एक सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।
