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गौमुखी सेवा धाम देवपहरी में चैत्र नवरात्रि की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण बैठक संपन्न।

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सुनील दास कि रिपोर्ट: गौमुखी सेवा धाम देवपहरी में चैत्र नवरात्रि की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण बैठक संपन्न।


छत्तीसगढ़/कोरबा जिले के सुदूर वनांचल एवं दूरस्थ पिछड़े क्षेत्र में स्थित गौमुखी सेवा धाम देवपहरी में आज दिनांक 8 मार्च को मां गौमुखी सिद्धिदात्री के पावन प्रांगण में चैत्र नवरात्रि पर्व की पूर्व तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। दोपहर के समय आयोजित इस बैठक में आसपास के गांवों के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने भाग लेकर नवरात्रि पर्व को भव्य और व्यवस्थित रूप से मनाने के लिए अपने विचार साझा किए।
यह सेवा धाम क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है, जहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। विशेष रूप से चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर माता की पूजा-अर्चना करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष नवरात्रि से पहले इस प्रकार की बैठक आयोजित की जाती है, ताकि सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जा सकें और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक के दौरान नवरात्रि के नौ दिनों तक होने वाले धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन, साफ-सफाई, श्रद्धालुओं की व्यवस्था, जल एवं प्रसाद वितरण, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने अपने-अपने सुझाव भी दिए और यह निर्णय लिया गया कि सभी ग्रामीण मिलकर इस पावन पर्व को भक्ति, श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाएंगे।
गौमुखी सेवा धाम की ओर से बताया गया कि इस बैठक के लिए आसपास के लगभग 40 गांवों के प्रमुख व्यक्तियों को लिखित पत्र के माध्यम से सादर आमंत्रित किया गया था, ताकि सभी गांवों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। हालांकि कुछ प्रमुख लोग शादी-विवाह एवं अन्य पारिवारिक कार्यों में व्यस्त होने के कारण बैठक में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने भी नवरात्रि आयोजन में हर संभव सहयोग देने की बात कही है।
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि नवरात्रि का पर्व माता शक्ति की आराधना और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का अवसर होता है। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र के लोग एकजुट होकर धार्मिक वातावरण बनाते हैं और आपसी भाईचारे तथा सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने और नई पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि नवरात्रि के दिनों में मंदिर परिसर की साफ-सफाई, सजावट और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। साथ ही आसपास के गांवों के लोगों से भी अपील की जाएगी कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर माता के दर्शन करें और धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागी बनें।
इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व सरपंच धन सिंह कंवर, हरी यादव, अनार सिंह, सत्यनारायण कंवर (पूर्व एकल कार्यकर्ता), धर्म सेना गढ़ उपरोड़ा के राजाराम राठिया, छतर पाल, रामू विश्वकर्मा, मान सिंह, बलराम यादव, गोपाल देवांगन, सूरज यादव, धनीराम पंडो, शीला मंझवार सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मां गौमुखी सिद्धिदात्री से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की तथा यह संकल्प लिया कि आने वाले चैत्र नवरात्रि पर्व को पूरे उत्साह, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा।

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