बांकीमोंगरा: गजरा बस्ती में पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया गौरा-गौरी उत्सव।
बांकीमोंगरा: गजरा बस्ती में पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया गौरा-गौरी उत्सव।

छत्तीसगढ़/कोरबा बांकीमोंगरा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 11, गजरा बस्ती में भगवान शिव और माता पार्वती के प्रतीक गौरा-गौरी का पूजन पूरे पारंपरिक रीति-रिवाज और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। दीपावली के पावन पर्व के साथ शुरू होने वाला यह लोक उत्सव स्थानीय संस्कृति की झलक पेश करता है।
पारंपरिक पूजा-अर्चना: बस्ती के श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गौरा-गौरी की मूर्तियों की पूजा की और सुख-समृद्धि की कामना की।
सांस्कृतिक का गूँज: रात भर चलने वाले इस आयोजन में सुआ नृत्य और मांदर की थाप पर थिरकते श्रद्धालुओं ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
वार्ड क्रमांक 11 के निवासियों ने एकजुट होकर इस आयोजन को सफल बनाया, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मान्यता है कि गौरा-गौरी के पूजन से क्षेत्र में खुशहाली आती है और कृषि पैदावार अच्छी होती है। गजरा बस्ती में हर साल इस परंपरा को जीवित रखने के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं, जहाँ लोग अपनी लोक संस्कृति को संजोए हुए हैं।
“यह केवल एक पूजा नहीं, बल्कि हमारी आस्था और पूर्वजों की दी हुई अनमोल विरासत है।” यश पाल सिंह कंवर समिति के अध्यक्ष।
