देशसेवा के 18 वर्ष पुर्ण के पश्चात फौजी रामेश्वर कैवर्त का बांकीमोंगरा नगर में हुआ भव्य स्वागत।
देशसेवा के 18 वर्ष पुर्ण के पश्चात फौजी रामेश्वर कैवर्त का बांकीमोंगरा नगर में हुआ भव्य स्वागत।

Korba/बांकीमोंगरा: 1 जनवरी 2026 को “जय हिंद, जय भारत , वंदे मातरम” के नारों और देशभक्ति के गीतों के बीच बांकीमोंगरा की फिजां बदली-बदली नजर आई। अवसर था भारतीय थलसेना से 18 वर्षों की गौरवशाली सेवा पूरी कर अपने गृह ग्राम लौटे फौजी रामेश्वर कैवर्त के नागरिक अभिनंदन का।
जैसे ही रामेश्वर कैवर्त बांकीमोंगरा के मुख्य चौक पर पहुंचे, वहां मौजूद परिजनों, मित्रों और स्थानीय निवासियों ने फूल-मालाओं और आतिशबाजी के साथ तिंरगा झंडा लहराते हुए उनका जोरदार स्वागत किया। क्षेत्र के युवाओं में खासा उत्साह देखा गया, जिन्होंने उन्हें कंधों पर उठाकर भारत माता के जयकारे लगाए।

भावुक हुए परिजन और नगरवासी:
18 वर्षों तक देश की विभिन्न दुर्गम सीमाओं पर तैनात रहकर मातृभूमि की रक्षा करने वाले रामेश्वर कैवर्त अपने स्वागत से अभिभूत नजर आए। उन्होंने इस अवसर पर कहा:
“वर्दी उतारना भावुक क्षण है, लेकिन अपने लोगों के बीच यह प्यार पाकर गर्व महसूस हो रहा है। देश की सेवा करना मेरा सौभाग्य रहा।”
इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिकों ने रामेश्वर जी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

फौजी रामेश्वर कैवर्त का बांकीमोंगरा के मुख्य चौक में आतिशबाज़ी के साथ स्वागत किया गया। तत्पश्चात रामेश्वर कैवर्त मुख्य चौक में विराजे हनुमान जी और मां सिद्धिदात्री का दर्शन प्राप्त किया। जिसके बाद डिजे – बाजे व जयकारे के साथ रामेश्वर कैवर्त अपने ग्रह ग्राम जंगल साईड पहुंचे।
