खदान में हड़ताल करने वाले पूर्व ज़िप. उपाध्यक्ष अजय जायसवाल,नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास,सांसद प्रतिनिधि सेत मसीह,कमलेश प्रजापति एव अन्य पर एफ़आईआर दर्ज।
स्थानियों को रोज़गार,एचपीसी दर पर वेतन,नियुक्ति पत्र,और सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर किया था एसईसीएल के ख़िलाफ़ आंदोलन।
छत्तीसगढ़/कोरबा SECL की गेवरा खदान में कार्य कर रही ठेका कम्पनी PNC में कार्यरत भू-विस्थापित कामगारों की विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल के अगुआ कांग्रेस नेताओं पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है।
छह महीने से वेतन, सुरक्षा सहित अन्य समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहे श्रमिकों का आरोप है कि बार-बार हड़ताल और मांगों के बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार श्रमिकों ने जिला पंचायत कोरबा के पूर्व उपाध्यक्ष अजय जायसवाल को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, जिसके बाद उनके नेतृत्व में ग्रामीणों और श्रमिकों ने मंगलवार को गेवरा खदान पहुंचकर काम बंद करा दिया। इस बीच एसईसीएल व पीएनसी के अधिकारियों ने मौके पर आकर वार्ता का आश्वासन दिया।
इधर दोपहर 12 बजे से 5 बजे तक चले हड़ताल के बाद दीपका थाना में एसईसीएल के सुरक्षा अधिकारी घनाराम सूर्यवंशी ने कम्पनी में अनाधिकृत प्रवेश कर हंगामा करने व कार्य में बाधा उत्पन्न करने की लिखित शिकायत कर कार्रवाई का आग्रह किया। पुलिस ने निर्देशानुसार शिकायत के आधार पर पूर्व जिला पँचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल, बांकीमोंगरा नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास,युकां नेता कमलेश कुमार प्रजापति, कोरबा सांसद प्रतिनिधि सेत मसीह व अन्य के विरुद्ध धारा 329(2), 127(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
