घुड़देवा में धूमधाम से मना दशहरा उत्सव, रावण दहन के बाद विस्सू श्रीवास के जगराते में झूमे श्रद्धालु।

मुख्य अतिथि विकास झा ने की शिरकत, अतिथियों का फूल-मालाओं से हुआ स्वागत; बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश।
बांकीमोंगरा। कोरबा जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 17 घुड़देवा के मुख्य चौक में 25 अक्टूबर 2026 को दशहरा उत्सव हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। आतिशबाजी, विशाल रावण दहन और छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक विस्सू श्रीवास के भक्तिमय जगराते ने उत्सव को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विकास झा शामिल हुए। उनके आगमन से आयोजन स्थल पर उत्साह का माहौल देखने को मिला।
विशाल रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश!
घुड़देवा के मुख्य चौक में आयोजित दशहरा उत्सव में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों एवं आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने हिस्सा लिया। पूरे आयोजन स्थल को उत्सव के अनुरूप सजाया गया था। आतिशबाजी के बीच विशाल रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण दहन के साथ ही उपस्थित लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
दशहरा पर्व ने लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। आयोजन के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।
मुख्य अतिथि विकास झा का हुआ स्वागत!
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विकास झा के साथ संजय आजाद, मुकेश झा, परमानंद सिंह, हेम सिंह कंवर, दिलीप झा, प्रकाश झा, प्रमोद खांड़े और निखिल सिगोटिया सहित अन्य अतिथियों ने मंच की शोभा बढ़ाई।
इस अवसर पर पूर्व पार्षद पवन गुप्ता सहित दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव समिति घुड़देवा के सदस्यों ने सभी अतिथियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। आयोजन समिति ने उत्सव को सफल बनाने के लिए सामूहिक रूप से योगदान दिया।रावण दहन के पश्चात छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक विस्सू श्रीवास का भव्य जगराता आयोजित किया गया। उनकी भक्तिमय प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। देर शाम तक श्रद्धालु भक्ति संगीत का आनंद लेते रहे।
रावण दहन के पश्चात छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक विस्सू श्रीवास का भव्य जगराता आयोजित किया गया। उनकी भक्तिमय प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। देर शाम तक श्रद्धालु भक्ति संगीत का आनंद लेते रहे।
जगराते के माध्यम से धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। दशहरा उत्सव और भक्तिमय संगीत के इस संगम ने घुड़देवा सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों को एक साथ जुड़ने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विकास झा ने दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें अपने जीवन में सत्य, धर्म और सदाचार को अपनाने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि बुराई पर अच्छाई की जीत का यह पर्व समाज में प्रेम, भाईचारे और एकता को मजबूत करने का अवसर है। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी परंपराओं को जीवित रखने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
विकास झा ने आयोजन समिति और घुड़देवा के नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र के लोगों का आपसी सहयोग और उत्साह ऐसे आयोजनों की सफलता का आधार है। उन्होंने सभी से मिल-जुलकर क्षेत्र के विकास, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की अपील की।दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव समिति घुड़देवा के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। रावण दहन से लेकर भक्तिमय जगराते तक लोगों में उत्साह बना रहा।
दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव समिति घुड़देवा के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। रावण दहन से लेकर भक्तिमय जगराते तक लोगों में उत्साह बना रहा।
इस आयोजन ने एक बार फिर घुड़देवा की धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की। विशाल रावण दहन और विस्सू श्रीवास के जगराते के साथ दशहरा उत्सव क्षेत्रवासियों के लिए यादगार बन गया।


