बांकीमोंगरा बलवा कांड: दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बाकी कहां, प्रार्थी के परिजनों में बढ़ता आक्रोश।
शांतिनगर में आधी रात हुए हमले के मामले में अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार, सीसीटीवी फुटेज और आसपास के क्षेत्रों में जांच को लेकर उठ रहे सवाल।
बांकीमोंगरा। कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत शांतिनगर में 22 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात हुए बलवा और मारपीट के मामले में अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर प्रार्थी के परिजनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। घटना के दौरान 15 से अधिक मोटरसाइकिलों में सवार होकर पहुंचे हमलावरों द्वारा शांतिनगर निवासी कुणाल आजाद के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। मामले में पुलिस ने घटना की रात दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जिन्हें अगले दिन कानूनी कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया गया। हालांकि, प्रार्थी पक्ष का आरोप है कि घटना में शामिल अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है।
आधी रात को शांतिनगर में मचा था हड़कंप।
जानकारी के अनुसार, 22 अक्टूबर की रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच शांतिनगर में उस समय हड़कंप मच गया, जब कथित तौर पर बड़ी संख्या में मोटरसाइकिलों पर सवार होकर लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि हमलावर कुणाल आजाद पर जानलेवा हमला करने की नीयत से आए थे और उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव किया। परिजनों का मानना है कि यदि स्थानीय लोग समय पर हस्तक्षेप नहीं करते, तो घटना और गंभीर रूप ले सकती थी।
दो आरोपी जेल में, बाकी की गिरफ्तारी पर सवाल।
घटना के बाद बांकीमोंगरा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया। वहीं 5 मोटरसाइकिल भी जप्त कर लिया गया है। लेकिन प्रार्थी पक्ष का कहना है कि घटना में कथित रूप से शामिल अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से उन्हें न्याय मिलने में देरी की आशंका सता रही है।
परिजनों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि जब घटना में कई लोगों के शामिल होने की शिकायत की गई है, तो बाकी आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है? हालांकि, शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारणों और पुलिस की वर्तमान जांच की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच को लेकर भी उठ रही मांग!
प्रार्थी के परिजनों का आरोप है कि आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर छानबीन और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। उनका कहना है कि घटना के समय और घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों के फुटेज की जांच से कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
परिजनों की मांग है कि पुलिस घटनास्थल के आसपास के मार्गों, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच करे, ताकि मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
पुलिसकर्मी के पुत्र के शामिल होने की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि जरूरी
इस मामले में एक पुलिसकर्मी के पुत्र के भी कथित रूप से शामिल होने की चर्चा सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस चर्चा की निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जरूरी है। कानून की नजर में प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही होनी चाहिए।
परिजनों की मांग—सभी आरोपियों की पहचान कर हो कार्रवाई!
घटना के बाद से ही प्रार्थी कुणाल आजाद के परिजनों में नाराजगी बढ़ने की बात सामने आ रही है। परिजन चाहते हैं कि मामले की जांच में तेजी लाई जाए, उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाए और घटना में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
अब देखने वाली बात होगी कि बांकीमोंगरा पुलिस मामले में आगे क्या कदम उठाती है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर जांच में क्या प्रगति होती है। फिलहाल, प्रार्थी पक्ष की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिले।
नोट: पुलिस का आधिकारिक पक्ष, शेष आरोपियों की वर्तमान स्थिति और सीसीटीवी फुटेज की जांच को लेकर जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
