श्री त्रिपुर तीर्थ यात्रा सेवा समिति के चारधाम यात्रा के छठवें जत्थे की सफल वापसी, श्रद्धालुओं ने साझा किए अविस्मरणीय अनुभव।

समार सिंह बिंझवार कि रिपोर्ट:
श्री त्रिपुर तीर्थ यात्रा सेवा समिति द्वारा आयोजित चारधाम यात्रा के छठवें जत्थे के सभी 120 श्रद्धालु भगवान केदारनाथ, भगवान बद्रीनाथ, मां यमुनोत्री एवं मां गंगोत्री सहित विभिन्न पवित्र तीर्थ स्थलों के दर्शन कर सकुशल एवं आनंदपूर्वक वापस हरिद्वार लौटे । श्रद्धालुओं ने इस दिव्य एवं आध्यात्मिक यात्रा को अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।
समिति द्वारा 25 मई 2026 को हरिद्वार से चारधाम यात्रा के छठवें जत्थे को रवाना किया गया था। लगभग 15 दिनों तक चली इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने चारधाम दर्शन के साथ-साथ तुंगनाथ महादेव, त्रियुगीनारायण मंदिर, काशी विश्वनाथ, पंच प्रयाग, धारी देवी मंदिर तथा भारत के अंतिम गांव माणा के भी दर्शन किए।
यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बताया कि संपूर्ण यात्रा अत्यंत सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुविधाजनक रही। यात्रा के दौरान आरामदायक परिवहन, उत्कृष्ट आवास व्यवस्था, स्वच्छ एवं स्वादिष्ट भोजन तथा अनुभवी गाइड एवं प्रबंधक दल के सहयोग ने यात्रा को और भी सुखद बना दिया।
समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार तक आने-जाने हेतु ट्रेन टिकट की व्यवस्था की गई थी। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में सुगम एवं आरामदायक यात्रा के लिए 2×2 सीटिंग वाली 27-सीटर बसें एवं टेंपो ट्रैवलर उपलब्ध कराए गए थे। रात्रि विश्राम हेतु बेहतर होटलों की व्यवस्था के साथ-साथ सुबह का नाश्ता एवं रात्रि भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष कुकिंग टीम भी तैनात की गई थी। ट्रेन यात्रा के दौरान भी यात्रियों के भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने कहा कि चारधाम की यह यात्रा उनके जीवन की सबसे यादगार एवं आध्यात्मिक यात्राओं में से एक रही। दिव्य धामों के दर्शन, प्राकृतिक सौंदर्य एवं धार्मिक वातावरण ने उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक शांति प्रदान की।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में कुल 11 जत्थों के माध्यम से लगभग 2000 श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा का पुण्य लाभ प्रदान किया जाएगा। समिति का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है।
श्री त्रिपुर तीर्थ यात्रा सेवा समिति निरंतर श्रद्धालुओं की सेवा एवं सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है।
