बरसात में अंधेरे के साये में बांकीमोंगरा: बिजली गुल होने से सांप-बिच्छुओं का खतरा बढ़ा, उमस से बेहाल जनता, आखिर कब जागेंगे जनप्रतिनिधि।
छत्तीसगढ़/कोरबा बरसात का मौसम शुरू होते ही बांकीमोंगरा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। हल्की बारिश और तेज हवा के साथ ही घंटों बिजली गुल हो जाना अब आम बात बन गई है। लगातार हो रही बिजली कटौती से जहां क्षेत्रवासी भीषण उमस और गर्मी से परेशान हैं, वहीं अंधेरे के कारण सांप, बिच्छू एवं अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
शाम-रात में अचानक बिजली चले जाने से घरों और मोहल्लों में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार बिजली रात एक बजे आती है तो कभी सुबह तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती, जिससे लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिजली विभाग हर वर्ष बरसात आने के बाद ही सुधार कार्यों में सक्रिय होता है, जबकि मानसून शुरू होने से पहले ही जर्जर तारों को बदलने, पेड़ों की छंटाई, ढीले विद्युत तारों एवं अन्य तकनीकी खामियों को दूर कर लिया जाए तो बार-बार होने वाली बिजली बाधित होने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक रखरखाव और मरम्मत कार्य किए जाते तो आज बांकीमोंगरा की जनता को घंटों बिजली कटौती, उमस और अंधेरे की समस्या से नहीं जूझना पड़ता।
क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग से मांग की है कि बरसात के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल जर्जर लाइनों का सुधार, पेड़ों की छंटाई तथा अन्य आवश्यक रखरखाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी अपेक्षा की जा रही है कि वे इस गंभीर जनसमस्या को लेकर आगे आएं और संबंधित विभाग पर प्रभावी कार्रवाई के लिए दबाव बनाएं, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
