खबर अपडेट: बांकीमोंगरा में बलवा कांड में दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी, 5 मोटरसाइकिल भी जप्त।
शांतिनगर में आधी रात हुई घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज, मौके से दो चाकू और एक डंडा जब्त; पांच मोटरसाइकिलें भी जांच के दायरे में
बांकीमोंगरा- कोरबा। बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के शांतिनगर में देर रात हुई बलवा और कथित हमले की घटना में पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। वहीं, मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। घटनास्थल से दो चाकू और एक डंडा जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। घटनास्थल पर छोड़ी गई पांच मोटरसाइकिलों को भी जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दर्री सीएसपी विमल पाठक ने बांकीमोंगरा थाना पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली और जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए।
फोन पर विवाद के बाद आधी रात घर के पास पहुंचने का आरोप!
मिली जानकारी के अनुसार, शांतिनगर निवासी कुणाल आजाद (21), पिता संजय आजाद, ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि 22 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे फोन पर गाली-गलौज को लेकर विवाद हुआ था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसके बाद देर रात लगभग 1:30 से 2 बजे के बीच बड़ी संख्या में युवक मोटरसाइकिलों से उसके घर के पास पहुंचे।
आरोप है कि युवकों के पास डंडे, लोहे की रॉड, चाकू और तलवार जैसे हथियार थे तथा उन्होंने हमला करने का प्रयास किया। इस दौरान कुणाल ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। शिकायत के अनुसार, युवकों को पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ लोग पांच मोटरसाइकिलें छोड़कर फरार हो गए।
दो आरोपी हिरासत में, अन्य संदिग्धों की तलाश!
पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 220/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3), 109(1), 189(1), 189(2), 189(4) और 190 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है।
मामले में रौनक सिंह राजपूत, निवासी प्रेम नगर कुसमुंडा, तथा एक नाबालिग को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई है। शिकायत में राहुल यादव, निवासी चुनचुनी कॉलोनी, विक्रम यादव उर्फ बम, निवासी चुनचुनी, सहित अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, अन्य लोगों की भूमिका और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पांच मोटरसाइकिलों से खुल सकते हैं अहम सुराग!
घटनास्थल पर पांच मोटरसाइकिलें छोड़े जाने की बात सामने आने के बाद वाहनों की पहचान और उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलू जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। वाहनों के पंजीकरण, स्वामित्व और घटनास्थल तक पहुंचने वालों के संबंध में जांच से अन्य संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस ने मौके से दो चाकू और एक डंडा भी जब्त किया है। वहीं, घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम के पहुंचकर साक्ष्य जुटाने की जानकारी भी सामने आई है। जब्त सामग्री और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सीएसपी ने थाने पहुंचकर ली जानकारी!
घटना के बाद दर्री सीएसपी विमल पाठक बांकीमोंगरा थाना पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी लेते हुए जांच में तेजी लाने और आरोपियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अब जांच के दौरान पुलिस को यह पता लगाना होगा कि घटना में कितने लोग शामिल थे, प्रत्येक की क्या भूमिका रही और विवाद किस वजह से हिंसक रूप लेने की स्थिति तक पहुंचा।मामले की शिकायत दर्ज कराने कुणाल आजाद के पिता एवं ब्लॉक कांग्रेस बांकीमोंगरा अध्यक्ष संजय आजाद के साथ प्रदेश और क्षेत्र के कांग्रेस नेता भी थाने पहुंचे। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मामले की शिकायत दर्ज कराने कुणाल आजाद के पिता एवं ब्लॉक कांग्रेस बांकीमोंगरा अध्यक्ष संजय आजाद के साथ प्रदेश और क्षेत्र के कांग्रेस नेता भी थाने पहुंचे। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता को जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय किया जाना चाहिए।इस पूरे घटनाक्रम में अब पुलिस की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ, पांच मोटरसाइकिलों की जांच, जब्त हथियारों की पड़ताल और शिकायत में सामने आए अन्य नामों के संबंध में सत्यापन से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में अब पुलिस की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ, पांच मोटरसाइकिलों की जांच, जब्त हथियारों की पड़ताल और शिकायत में सामने आए अन्य नामों के संबंध में सत्यापन से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल दो आरोपियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी बताई गई है। क्षेत्रवासियों की निगाहें अब पुलिस जांच की प्रगति और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं। मामले में सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।
