कोरबा में अमित बघेल का ऐतिहासिक स्वागत, दीपका में प्रदेश स्तरीय ‘जबर भोजली रैली’ में हुए शामिल।

तिवरता में स्व. दादा हीरा सिंह मरकाम के समाधि स्थल पर अर्पित की पुष्पांजलि, दीपका में छत्तीसगढ़ी कला-संस्कृति और युवा चेतना पर दिया संदेश।
छत्तीसगढ़/कोरबा जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल के कोरबा जिले में आगमन पर पार्टी पदाधिकारियों एवं सर्व समाज के लोगों ने जगह-जगह आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया। पाली से लेकर नूनेरा, नूनेरा से तिवरता और तिवरता से दीपका तक पूरे मार्ग में स्वागत द्वार बनाए गए और बड़ी संख्या में लोगों ने उनका अभिनंदन किया।
तिवरता में दादा हीरा सिंह मरकाम को किया नमन?
कोरबा प्रवास के दौरान अमित बघेल तिवरता पहुंचे, जहां उन्होंने गोंडवाना आंदोलन के महान जननायक एवं संस्थापक स्व. दादा हीरा सिंह मरकाम के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद वे स्व. दादा हीरा सिंह मरकाम के निवास पहुंचे और परिवारजनों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दादा जी की धर्मपत्नी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया तथा परिवार के बच्चों को स्नेह और दुलार दिया।
इस अवसर पर अमित बघेल ने भावुक होकर कहा कि स्व. दादा हीरा सिंह मरकाम हम सभी के प्रेरणा स्रोत हैं। उनके बताए सत्य, संघर्ष और समाज सेवा के मार्ग पर हम सभी छत्तीसगढ़वासियों को निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।

दीपका में प्रदेश स्तरीय ‘जबर भोजली रैली’ में हुए शामिल?
इसके पश्चात अमित बघेल दीपका स्थित गेवरा स्टेडियम पहुंचे, जहां छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं हमर छत्तीसगढ़ महतारी सेवा समिति द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय ‘जबर भोजली रैली’ में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोककला, संस्कृति और परंपराओं की भव्य झलक देखने को मिली।
छत्तीसगढ़ी कला, संस्कृति और युवा चेतना पर दिया संदेश?
विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए अमित बघेल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भोजली पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भोजली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी की पहचान, आपसी सौहार्द और छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।
उन्होंने युवाओं से अपनी मूल संस्कृति, भाषा और अधिकारों के प्रति जागरूक एवं एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक युवा अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहेंगे, तब तक छत्तीसगढ़ की परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत मजबूत बनी रहेगी।

रैली में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की अनूठी झलक?
जबर भोजली रैली में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। रैली में राउत नाचा, कर्मा नाचा, पंथी नाचा, ददरिया, मांदरी नाचा एवं बस्तर की पारंपरिक लोक कला ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
इसके साथ ही नवदुर्गा झांकी सहित छत्तीसगढ़ी लोकजीवन पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। मांदर, ढोल और छत्तीसगढ़ी गीतों की गूंज से पूरा दीपका क्षेत्र छत्तीसगढ़ी रंग में रंगा नजर आया।
प्रदेशभर से पहुंचे पदाधिकारी और कार्यकर्ता?
आयोजन में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रकांत यदु, प्रदेश संगठन मंत्री सुरेंद्र प्रसाद राठौर, जिला अध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे, जिला सचिव महावीर यादव, धनेश देवांगन, जिला संगठन मंत्री सुरेश पटेल, जिला मंत्री लाला साहू, जिला मंत्री देवहंस, जिला महासचिव बादल दुबे, जिला उपाध्यक्ष संजीव गोस्वामी, रविंद्र जगत, शहर अध्यक्ष हरि चौहान, प्रेरणा कुर्रे, सुनीता खूंटे, सुमित्रा चौहान, सीनू यादव, रोहित कश्यप, नरेंद्र प्रधान, कमलेश यादव, मनीष यादव, कान्हा अहीर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वहीं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना की ओर से जिला अध्यक्ष सुरजीत सोनी, जिला महामंत्री राकेश सूर्यवंशी, जिला उपाध्यक्ष राकेश यादव, सोनाली देवांगन, बसंत चंद्राकर, ओम केवट, अवध, उमेश चंद्रा, राजा राठौर एवं कन्हैया सारथी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विभिन्न जिलों से उमड़ा जनसैलाब?
कार्यक्रम में बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, रायपुर, भिलाई सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला अध्यक्षों के साथ उनकी पूरी टीम पहुंची।
हजारों की संख्या में शामिल माताएं, बहनें, युवा एवं सर्व समाज के नागरिकों की मौजूदगी से दीपका में आयोजित यह प्रदेश स्तरीय भोजली रैली भव्य और यादगार नजर आई। आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का संदेश प्रमुखता से देखने को मिला।


