ग्राम पंचायत दिंडोलभाठा में 20 दिनों से पेयजल संकट, ग्रामीणों में भारी आक्रोश।
छत्तीसगढ़/कोरबा। ग्राम पंचायत दिंडोलभाठा के अंतर्गत आने वाले छिरहुट, पनरीपानी एवं वीरवाट गांवों में पिछले लगभग 20 दिनों से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। पानी की नियमित आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले क्षेत्र में पर्याप्त पानी उपलब्ध हो जाता था, लेकिन पिछले कई दिनों से नलों में पानी नहीं आने के कारण दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लोगों को पीने, खाना बनाने एवं अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार निजी साधनों से पानी की व्यवस्था करने को मजबूर हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या की जानकारी संबंधित विभाग एवं पंचायत प्रतिनिधियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। लगातार बढ़ती गर्मी और जल संकट के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) से मांग की है कि प्रभावित गांवों में तत्काल पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा जरूरत पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। वर्तमान में हजारों ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं और प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
“पानी है तो जीवन है, लेकिन पिछले 20 दिनों से हमारे गांवों में पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रशासन को तत्काल इस समस्या का समाधान करना चाहिए।” — ग्रामीणजन।
