बांकीमोंगरा डेली मार्केट बना चर्चा का विषय: सौंदर्यीकरण पर रार, प्रशासन ने कहा अफवाहों से बचें, वहीं भाजपा नेता ने कहा ज़रुरत पड़ी तो अपने ही पार्टी सरकार के खिलाफ जाउंगा।
बांकीमोंगरा डेली मार्केट बना चर्चा का विषय: सौंदर्यीकरण पर रार, प्रशासन ने कहा अफवाहों से बचें, वहीं भाजपा नेता ने कहा ज़रुरत पड़ी तो अपने ही पार्टी सरकार के खिलाफ जाउंगा।
छत्तीसगढ़/कोरबा: नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा का मुख्य सब्जी बाजार इन दिनों विवादों के घेरे में है। एक तरफ व्यापारियों का आक्रोश है, तो दूसरी तरफ भाजपा नेता अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल कुछ समय की व्यवस्था है और व्यापारियों को भ्रमित किया जा रहा है।
1. व्यापारियों का पक्ष:- बिना नोटिस हटाने की कोशिश – पिछले 20-30 वर्षों से डेली मार्केट में व्यवसाय कर रहे सब्जी विक्रेताओं का आरोप है कि पालिका प्रशासन उन्हें स्थायी रूप से सोमवारी बाजार शिफ्ट करना चाहता है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन रात के अंधेरे में नोटिस चिपकाकर दुकान हटाने का दबाव बना रहा है।
व्यापारियों का तर्क है कि यदि निर्माण कार्य करना ही है, तो उसे टुकड़ों (Parts) में किया जाए ताकि उन्हें वहां से हटना न पड़े। वे किसी भी कीमत पर वहां से स्थायी विस्थापन नहीं चाहते।
2. राजनीतिक मोड़: भाजपा नेता ने अपनी ही सरकार को घेरा-
भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा इस मामले में व्यापारियों के समर्थन में उतर आए हैं। उनका कहना है क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल से धोखे में रखकर भूमिपूजन कराया गया है। बाजार में आंगनबाड़ी या कॉम्प्लेक्स बनाने की चर्चा है, जिसका वे कड़ा विरोध करेंगे। विकास कार्य का स्वागत है, लेकिन व्यापारियों का स्थानांतरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए वे अपनी ही सरकार के खिलाफ जाने को तैयार हैं।

3. पालिका प्रशासन का स्पष्टीकरण: “केवल 3 महीने का अस्थायी बदलाव” = विवाद बढ़ता देख मुख्य पालिका अधिकारी (CMO) ज्योत्सना टोप्पो ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि मामला केवल सौंदर्यीकरण का है।
सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार: मार्केट के कायाकल्प के लिए टेंडर हो चुका है। निर्माण सामग्री (रेत, गिट्टी, छड़) के कारण वहां व्यवसाय करना खतरनाक और असुविधाजनक होगा। व्यापारियों को केवल 3 माह के लिए सोमवारी बाजार जाने को कहा गया है। कार्य पूर्ण होते ही उन्हें पुनः उनके मूल स्थान पर बसाया जाएगा।

अफवाहों का खंडन: सीएमओ ने साफ किया कि व्यापारियों को हमेशा के लिए हटाने की बात पूरी तरह अफवाह है। कुछ नेता विकास कार्य रोकने के लिए व्यापारियों को गुमराह कर रहे हैं।
12 मई को पालिका घेराव की चेतावनी।
सब्जी व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर 12 मई को नगर पालिका घेराव का ज्ञापन सौंपा है। हालांकि, सीएमओ ज्योत्सना टोप्पो का कहना है कि यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है जिसे घेराव तक ले जाया जाए। व्यापारियों को कई बार समझाइश दी जा चुकी है, लेकिन वे राजनीतिक प्रभाव में आकर भ्रमित हो रहे हैं।
निष्कर्ष: बांकीमोंगरा डेली मार्केट का मामला अब प्रशासन की कार्यप्रणाली और व्यापारियों के भरोसे के बीच फंस गया है। जहां प्रशासन इसे ‘विकास’ बता रहा है, वहीं व्यापारी इसे अपने ‘अस्तित्व’ का खतरा मान रहे हैं।
