नगर पालिका परिषद दीपका में पार्षद निधि के बोरिंग का निजी उपयोग, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे वार्डवासी: जांच और कार्रवाई की मांग।
राजेश सोनी संवाददाता दीपका:

छत्तीसगढ़/कोरबा नगर पालिका परिषद दीपका के अंतर्गत आने वाले वार्डों में इन दिनों पेयजल संकट के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 04, 05 और 18 में नगर पालिका द्वारा पार्षद निधि से आम जनता की सुविधा के लिए कराए गए बोरिंग (बोर) को जनप्रतिनिधि द्वारा कथित तौर पर व्यक्तिगत उपयोग में लाए जाने का आरोप लगा है। इस मामले के उजागर होने के बाद से ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
निजी स्वार्थ के कारण पानी की भारी किल्लत
स्थानीय नागरिकों से मिली जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी के इस मौसम में जहां लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं, वहीं सार्वजनिक उपयोग के लिए स्वीकृत इस बोरिंग का लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है। पार्षद द्वारा इसे अपने निजी हित में उपयोग किए जाने के कारण संबंधित वार्डों के निवासियों को पानी की भारी किल्लत (किल्लत) का सामना करना पड़ रहा है।
वार्डवासियों में भारी आक्रोश
वार्ड क्रमांक 04, 05 और 18 के नागरिकों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासकीय राशि और पार्षद निधि से होने वाले विकास कार्य जनता की सहूलियत के लिए होते हैं, न कि किसी के व्यक्तिगत उपयोग के लिए। पानी की समस्या से त्रस्त महिलाओं और बुजुर्गों को दूर-दराज से पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
उचित जांच और कार्रवाई की मांग
इस गंभीर मामले को लेकर सजग नागरिकों और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वार्डवासियों ने मांग की है कि:
- उक्त तीनों वार्डों में कराए गए बोरिंग की वर्तमान स्थिति की निष्पक्ष जांच की जाए।
- सार्वजनिक बोरिंग को निजी कब्जे से मुक्त कराकर तत्काल आम जनता के लिए शुरू किया जाए।
- शासकीय राशि का दुरुपयोग करने और जनता के हक का पानी रोकने वाले दोषियों के खिलाफ उचित और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि नगर पालिका दीपका प्रशासन और जिला प्रशासन इस संवेदनशील मामले पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और परेशान वार्डवासियों को राहत दिलाता है।
