बांकीमोंगरा:पानी की भारी किल्लत के बीच मसीहा बने पार्षद प्रतिनिधि दिलीप कुर्रे, खुद टैंकर लेकर पहुंचे जनता के द्वार।
अजीत कुमार संवाददाता बांकीमोंगरा: शासन की ‘नल-जल योजना’ को बताया खोखला, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद को तरस रहे लोग।
छत्तीसगढ़/कोरबा जिले में गहराते जल संकट और भीषण गर्मी के बीच आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। शासन-प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद अभी तक लोगों को पानी की समस्या से कोई राहत नहीं मिल सकी है। ऐसे विकट समय में जनता को राहत पहुंचाने के लिए नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के वार्ड क्रमांक 09 के पार्षद प्रतिनिधि दिलीप कुर्रे ने एक सराहनीय और अनुकरणीय पहल की है।
खुद ट्रैक्टर-टैंकर लेकर वार्ड में घूमे दिलीप कुर्रे
वार्ड क्रमांक 09 में पानी की भारी किल्लत को देखते हुए पार्षद प्रतिनिधि दिलीप कुर्रे ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने अपने घर के निजी बोरवेल से 5000 लीटर की पानी टंकी (टैंकर) को भरा। इसके बाद वे स्वयं वार्ड के प्रभावित इलाकों जैसे बनवारी साइड, ऊपर मोहल्ला और अम्बेडकर नगर में पहुंचे। दिलीप कुर्रे ने खुद घूम-घूम कर भीषण गर्मी में परेशान हो रहे लोगों को पानी का वितरण किया।
दिलीप कुर्रे ने कहा कि “जब शासन-प्रशासन फेल हो जाए, तो जनप्रतिनिधि का यह कर्तव्य बनता है कि वह अपनी जनता के साथ खड़ा रहे। वार्ड के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान थे, इसलिए मैंने स्वयं अपने निजी साधन से पानी बांटने का निर्णय लिया।”
जनता ने जताया आभार, शासन की योजनाओं पर उठे सवाल।
पार्षद प्रतिनिधि को इस तरह खुद पानी बांटते देख वार्ड वासियों ने राहत की सांस ली और उनके इस सेवा कार्य के लिए दिल से आभार व्यक्त किया। वहीं, इस दौरान दिलीप कुर्रे ने जिले की जर्जर पानी व्यवस्था को लेकर शासन-प्रशासन पर गहरा खेद जताया। उन्होंने सरकार की महात्वाकांक्षी ‘नल-जल योजना’ पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे पूरी तरह ‘खोखला’ बताया। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि आज भी लोग पानी के लिए तरस रहे हैं और योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं।
पानी बचाने की अपील।
पार्षद प्रतिनिधि दिलीप कुर्रे ने वार्ड की जनता को पानी बांटने के साथ-साथ उनसे एक भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और संकट के इस दौर में हमें पानी की बर्बादी रोकनी होगी। उन्होंने सभी नागरिकों से पानी की खपत कम करने और इसका सीमित व समझदारी से उपयोग करने का निवेदन किया।

