नया पहंदा में जल संकट,दो महीने से खराब पड़ी सौर ऊर्जा मोटर, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण।
कमलेश कुमार विधानसभा रिपोर्टर रामपुर: ग्राम पंचायत प्रशासन की लापरवाही आई सामने; घर-घर नल योजना केवल शो-पीस बनी।
छत्तीसगढ़/करतला क्षेत्र ग्राम नया पहंदा के वार्ड क्रमांक 11 में इन दिनों पेयजल की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। ‘नल जल योजना’ के तहत ग्रामीणों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने का दावा यहाँ पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि पिछले दो से तीन महीनों से सौर ऊर्जा आधारित जल प्रदाय प्रणाली की मोटर खराब पड़ी है, जिसे सुधारने के नाम पर विभाग के कर्मचारी ले तो गए, लेकिन अब तक उसे वापस नहीं लगाया गया है।
गर्मी में गहराया संकट, हैंडपंप भी दे रहे दगा।
ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी के इस दौर में पानी की एक-एक बूंद के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। सौर ऊर्जा पंप बंद होने के बाद लोग हैंडपंपों पर निर्भर हैं, लेकिन वे भी जवाब दे रहे हैं। हैंडपंपों का जलस्तर गिरने और बार-बार उनकी चैन टूटने के कारण पानी मिलना दूभर हो गया है।
नल तो लगे, पर पानी का इंतजार बरकरार।
सरकार की ‘घर-घर नल जल योजना’ के तहत वार्ड के घरों में पाइपलाइन बिछाकर नल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन उनमें आज तक पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने केवल ढांचा खड़ा कर दिया है, उसका लाभ जनता को नहीं मिल रहा है।
जिम्मेदारों ने मोड़ा मुंह।
सबसे ज्यादा आक्रोश स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, उपसरपंच और पंचों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया है।
शिकायत के बावजूद पंचायत स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं है, जिससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
हम दो-तीन महीने से परेशान हैं। मोटर बनाने ले गए हैं पर लौटकर नहीं आए। सरपंच-पंच सुनते नहीं हैं। इस तपती गर्मी में हम पानी के लिए कहाँ जाएँ- व्यथित ग्रामीण, वार्ड नं. 11
