छुरी राज ज्वेलर्स लूटकांड का खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार, चोरी की बाइक और देशी कट्टे से दिया था वारदात को अंजाम।

कोरबा/कटघोरा, 06 जुलाई 2026। कटघोरा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित राज ज्वेलर्स, छुरी लूटकांड का पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए चोरी की मोटरसाइकिल और देशी कट्टे का इस्तेमाल किया था। गिरफ्तार आरोपी पूर्व में हत्या, दुष्कर्म सहित कई गंभीर अपराधों में जेल जा चुके हैं।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कटघोरा) नीतीश कुमार ठाकुर तथा नगर पुलिस अधीक्षक दर्री विमल कुमार पाठक (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में थाना कटघोरा एवं साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
गिरफ्तार आरोपी
गोपाल सिंह गोंड (38 वर्ष), निवासी ग्राम घुचापुर, चौकी कोरबी, थाना पसान, जिला कोरबा।
परदेशी राठिया (40 वर्ष), निवासी ग्राम जिलगा (बरपाली), थाना श्यांग, जिला कोरबा।
फरार आरोपी
विष्णु प्रसाद राठिया, निवासी ग्राम कोलगा, थाना करतला, जिला कोरबा।
ऐसे हुई थी वारदात
प्रार्थी राजकुमार अग्रवाल, संचालक राज ज्वेलर्स, छुरीकला ने थाना कटघोरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 1 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1 बजे तीन लोग ग्राहक बनकर उनकी दुकान पहुंचे। तीनों ने गमछे से चेहरा ढंक रखा था, जिनमें एक आरोपी महिला के भेष में था।
आरोपियों ने पहले चांदी की अंगूठी दिखाने का बहाना बनाया। जैसे ही दुकानदार काउंटर के पास पहुंचे, एक आरोपी ने दुकान का दरवाजा बंद कर दिया, जबकि दूसरे ने देशी कट्टा निकालकर उनकी छाती पर तान दिया और आंखों में मिर्च पाउडर डालने का प्रयास किया। इसी दौरान तीसरा आरोपी दुकान में रखे आभूषण बैग में भरने लगा।
दुकान के बाहर लोगों की भीड़ जमा होते देख आरोपी घबराकर मौके से फरार हो गए। भागते समय वे अपना देशी कट्टा और बिना नंबर प्लेट की चोरी की मोटरसाइकिल घटनास्थल पर ही छोड़ गए।
100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल विशेष टीम गठित की। टीम ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया तथा साइबर तकनीक, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए जंगल के रास्तों का उपयोग कर रहे थे। पुलिस ने जशपुर, पत्थलगांव, धरमजयगढ़, सीतापुर और अंबिकापुर सहित कई क्षेत्रों में लगातार दबिश दी। जांच में यह भी सामने आया कि घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल चोरी की थी।
जेल में बनी दोस्ती, बाहर आकर बनाई लूट की योजना
पूछताछ में खुलासा हुआ कि तीनों आरोपी पूर्व में हत्या, दुष्कर्म एवं अन्य गंभीर अपराधों में जेल की सजा काट चुके हैं। जेल में ही तीनों के बीच दोस्ती हुई और रिहा होने के बाद उन्होंने लूट की योजना बनाई। सुनियोजित षड्यंत्र के तहत चोरी की मोटरसाइकिल और देशी कट्टे के सहारे राज ज्वेलर्स में वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया।
प्रारंभ में आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुई पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय कटघोरा में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस बहुचर्चित लूटकांड के सफल खुलासे में थाना प्रभारी मोतीलाल पटेल, निरीक्षक धर्मनारायण तिवारी, उप निरीक्षक अजय सोनवानी सहित कटघोरा थाना एवं साइबर पुलिस की विशेष टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की सराहना करते हुए फरार आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
