एशियन ओपन बिल स्टॉर्क संरक्षण की अनूठी पहल: कनकी में वन विभाग ने ग्रामीणों के साथ मिलकर जगाई प्रकृति संरक्षण की अलख।
गौतम कुमार संवाददाता उरगा:

छत्तीसगढ़/कोरबा। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा एशियन ओपन बिल स्टॉर्क (घोंघिला) एवं अन्य वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर ग्राम कनकी में एक व्यापक जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कोरबा वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देश एवं उपवनमंडलाधिकारी सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में करतला वन परिक्षेत्र द्वारा किया गया। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, शिव श्रद्धालु, युवा, जनप्रतिनिधि एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर वन्यजीव रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी ने कहा कि वन्यजीव केवल जंगलों की धरोहर नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और मानव जीवन की सुरक्षा के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी वन्यजीव को नुकसान न पहुँचाएँ तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
नोवा नेचर के पार्थ चंद्राकर ने एशियन ओपन बिल स्टॉर्क की जीवनशैली, भोजन, प्रजनन और किसानों के लिए इसकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पक्षी खेतों में पाए जाने वाले घोंघों की संख्या नियंत्रित कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
करतला रेंज ऑफिसर अक्ष पलक ऋषि ने ग्रामीणों को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वन विभाग संरक्षण कार्यों में हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर ग्रामीणों को लकड़ी से निर्मित कृत्रिम घोंसलों का वितरण किया गया तथा उन्हें अपने घरों और आसपास सुरक्षित स्थानों पर इन्हें स्थापित कर पक्षियों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने और ‘पक्षी मित्र’ बनने का संदेश दिया गया।
इस दौरान लंबे समय से एशियन ओपन बिल स्टॉर्क संरक्षण एवं सामाजिक कार्यों में सक्रिय कनकी पक्षी मित्र युवा समिति के सदस्यों को वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा ‘पक्षी मित्र’ टी-शर्ट प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान युवाओं के संरक्षण कार्यों के प्रति समर्पण और समाज में प्रकृति संरक्षण की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रतीक बना।
कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि गोरेलाल मांझी, जनपद सदस्य श्रीमती सुषमा राजवाड़े, वरिष्ठजन नर्मदा राजवाड़े, रामधन राजवाड़े, मोहम्मद इकबाल मेमन, दिनेश राजवाड़े, लक्षण यादव, सुरेश राजवाड़े, युवा समिति अध्यक्ष रामेश्वर दास महंत, सचिव बसंत राजवाड़े, विजय राजवाड़े, डिप्टी रेंजर केशव सिदार, वन रक्षक कपिल कंवर, चंद्रशेखर कंवर, परमेश्वर बंजारे, दीपक कुजूर, प्रतीक तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मुख्य आकर्षण
एशियन ओपन बिल स्टॉर्क संरक्षण पर विशेष जनजागरूकता अभियान।
किसानों के लिए इस पक्षी की उपयोगिता और जैविक खेती में योगदान की जानकारी।
भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों पर मार्गदर्शन।
ग्रामीणों को लकड़ी के कृत्रिम घोंसलों का वितरण।
संरक्षण कार्यों में सक्रिय युवाओं का सम्मान।
“प्रकृति की रक्षा तभी संभव है, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति वन्यजीव संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझे।”
