बांकीमोंगरा:खोलार नदी पर पुल और जर्जर सड़क की मांग को लेकर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, चांदनी चौक में 3 घंटे तक चला चक्काजाम, लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आंदोलन।

छत्तीसगढ़/कोरबा जिले कटघोरा विकासखंड अंतर्गत थाना बांकीमोंगरा क्षेत्र के शुक्लाखार–देवरी–बुंदेली मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति एवं खोलार नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चांदनी चौक पर चक्काजाम कर दिया। यह प्रदर्शन सुबह लगभग 11 बजे शुरू हुआ, जो दोपहर 2 बजे तक करीब तीन घंटे चला। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। जाम में स्कूली बच्चे भी फंस गए, जिन्हें पैदल घर लौटना पड़ा।
आंदोलनकारियों का कहना था कि उन्होंने 17 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था, लेकिन इसके बावजूद सड़क और पुल निर्माण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शन में ग्राम पंचायत देवरी के सरपंच सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल रहे।

प्रशासन ने दिया लिखित आश्वासन!
आंदोलन की सूचना मिलते ही कटघोरा नायब तहसीलदार प्रकाश केसकर मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। इसके बाद प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया कि शुक्लाखार–देवरी मार्ग के आरडी 300 मीटर पर स्थित क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नए पुल निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है। स्वीकृति प्राप्त होने के बाद एक माह के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ करने का प्रयास किया जाएगा।
साथ ही सुतर्रा से कोरई मार्ग को आवागमन योग्य बनाने तथा सड़क के गड्ढों की मरम्मत का कार्य एक सप्ताह के भीतर शुरू कराने का भी आश्वासन दिया गया।
मंत्री ने भी लिखा समर्थन पत्र!
प्रदर्शनकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के अनुसार, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर सुतर्रा से कोरई (7.05 किमी) सड़क के सुदृढ़ीकरण की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है। वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिकारियों ने भी निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने का भरोसा दिलाया है।
जनता की लड़ाई, राजनीति नहीं!
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल आम जनता की समस्याओं का समाधान कराना है। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं की लड़ाई है। उन्होंने कटघोरा विधानसभा के विधायक से भी क्षेत्र की जनता के बीच आकर जवाब देने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि फिलहाल प्रशासन के लिखित आश्वासन पर आंदोलन समाप्त किया जा रहा है, लेकिन यदि तय समय सीमा में पुल निर्माण की स्वीकृति और सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो पूरे पंचायत के ग्रामीणों के साथ कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस रही मुस्तैद!
चक्काजाम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित रखा, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
फिलहाल प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्य शुरू नहीं हुआ तो भविष्य में इससे भी बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।



