बांकीमोंगरा के वार्ड क्रमांक 29 में पार्षद प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग।

कोरबा/बांकीमोंगरा: नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा अन्तर्गत नराईबोध, वार्ड क्रमांक 29 के ग्रामीणों ने नगर पालिका क्षेत्र में निर्वाचित महिला पार्षद के पति एवं अन्य परिजनों द्वारा कथित रूप से “पार्षद प्रतिनिधि” के रूप में कार्य किए जाने को लेकर जिला प्रशासन से शिकायत की है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर मामले में जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में बताया गया है कि ग्राम नराईबोध वार्ड क्रमांक 29 से श्रीमती अमिला पटेल, पति राकेश पटेल, वर्तमान में निर्वाचित पार्षद हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार छत्तीसगढ़ राजपत्र क्रमांक 439, दिनांक 6 अगस्त 2026 के माध्यम से नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के पति, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन अथवा अन्य निकट पारिवारिक सदस्य को उनके प्रत्यक्ष प्रतिनिधि या समन्वयक के रूप में नामित अथवा नियुक्त नहीं किए जाने संबंधी प्रावधान स्पष्ट किए गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त आदेश के बावजूद राकेश पटेल एवं जेठ जगदीश पटेल स्वयं को “पार्षद प्रतिनिधि” बताते हुए शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वे ठेके, रोजगार, राशन कार्ड, पेंशन तथा SECL L&R से जुड़े मामलों में दबाव बनाते हैं और आम जनता से कथित रूप से अवैध वसूली भी करते हैं। ग्रामीणों ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि राकेश पटेल एवं जगदीश पटेल को पार्षद प्रतिनिधि के रूप में किसी भी प्रकार का कार्य करने से तत्काल रोका जाए तथा संबंधित प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही नगर पालिका को निर्देशित करने की मांग की गई है कि कोई भी शासकीय फाइल, सिफारिश अथवा प्रस्ताव केवल निर्वाचित पार्षद श्रीमती अमिला पटेल के हस्ताक्षर से ही मान्य किया जाए।
आवेदन के साथ छत्तीसगढ़ राजपत्र क्रमांक 439, दिनांक 6 अगस्त 2026 की छायाप्रति तथा पार्षद पति द्वारा कथित हस्तक्षेप से संबंधित फोटो/वीडियो साक्ष्य संलग्न किए जाने का उल्लेख है।
ग्रामीणों ने आवेदन की प्रतिलिपि SDM कटघोरा, नगर पालिक के आयुक्त, नगर पालिका बांकीमोंगरा के अध्यक्ष तथा छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला सचिव को भी प्रेषित की है।
हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

