श्री त्रिपुर तीर्थ यात्रा का छठवां जत्था चारधाम के लिए रवाना, 120 श्रद्धालु हुए शामिल।
समार सिंह बिंझवार कि रिपोर्ट: श्री त्रिपुर तीर्थ यात्रा का छठवां जत्था चारधाम के लिए रवाना, 120 श्रद्धालु हुए शामिल।
छत्तीसगढ़/कोरबा हरिद्वार, 27 मई 2026 — आस्था, श्रद्धा और भक्ति के पावन संगम के बीच श्री त्रिपुर तीर्थ यात्रा सेवा समिति द्वारा आयोजित चारधाम यात्रा के छठवां जत्थे का शुभारंभ 25 मई 2026 से हो चुका है। इस पवित्र यात्रा में कुल 120 श्रद्धालु शामिल हैं, जो आज हरिद्वार से विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात उत्तराखंड के दिव्य धामों की ओर रवाना हुए। यह आध्यात्मिक यात्रा 08 जून 2026 तक चलेगी।
इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान केदारनाथ, भगवान बद्रीनाथ, मां यमुनोत्री और मां गंगोत्री जैसे पवित्र चारधामों के दर्शन करेंगे। इसके अतिरिक्त तुंगनाथ महादेव, श्री त्रियोगीनारायण मंदिर, काशी विश्वनाथ, पंच प्रयाग, धारी देवी मंदिर तथा भारत के अंतिम गांव माणा गांव जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों का भी लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।
समिति के अनुसार, इस वर्ष कुल 11 जत्थों में यात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से लगभग 2000 श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा का पुण्य लाभ दिलाया जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करता है, बल्कि श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित और सुरक्षित यात्रा का अनुभव भी प्रदान करता है।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समिति द्वारा व्यापक और सुविचारित व्यवस्थाएं की गई हैं। हरिद्वार तक आने-जाने के लिए ट्रेन टिकट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में सुगम यात्रा हेतु 2×2 सीटिंग वाली 27-सीटर बसें और टेंपो ट्रैवलर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव मिल सके।
रात्रि विश्राम के लिए उत्तम होटलों की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सुबह का नाश्ता और रात्रि भोजन के लिए विशेष कुकिंग टीम तैनात की गई है, जो यात्रियों को ताजा, स्वच्छ और गरमा-गरम भोजन उपलब्ध कराएगी। ट्रेन यात्रा के दौरान भी भोजन (लंच) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
पूरी यात्रा को सुचारु, सुरक्षित और आनंदमय बनाने के लिए अनुभवी गाइड एवं प्रबंधक दल भी साथ में मौजूद रहेगा, जो हर कदम पर यात्रियों का मार्गदर्शन और सहयोग करेगा।
समिति के इस सराहनीय प्रयास से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उल्लास देखा जा रहा है। सभी यात्री गहरी आस्था और श्रद्धा के साथ इस पवित्र यात्रा पर अग्रसर हैं, और भगवान के दर्शन की प्रतीक्षा में भाव-विभोर हैं।
