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टी.एम.सी. कंपनी के अधिकारी पर जातिगत प्रताड़ना और धमकी का आरोप, बांकीमोंगरा थाना पहुंचे कई गांवों के ग्रामीण।

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साहिल महंत कि रिपोर्ट: ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: टी.एम.सी. कंपनी के के.के. सिंह के खिलाफ कलेक्टर, एसपी और अजाक थाने में किया शिकायत ।

रास्ता बंद करने का विरोध करने पर आदिवासियों को दी ‘जान से मारने और जातीगत व जमीन में गाड़ देने’ की धमकी, कंपनी अधिकारी के खिलाफ मोर्चा।

छत्तीसगढ़/कोरबा बांकीमोंगरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम भेजीनारा, अरदा, और लालपुर सहित आसपास के ग्रामीण एकजुट होकर टी.एम.सी. कंपनी के खिलाफ शिकायत लेकर बांकीमोंगरा थाना पहुंचे साथ ही अजाक (AJAK) थाना कोरबा भी पहुंचे। ग्रामीणों ने टी.एम.सी. कंपनी के अधिकारी के.के. सिंह के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही पीड़ित ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जिले के कलेक्टर और एसपी में भी शिकायत किया है।

सौपे गए आवेदनों और ग्रामीणों के अनुसार यह पूरी घटना दिनांक 27 मई 2026 दोपहर की है। टी.एम.सी. कंपनी, जो सिंघाली खदान में आउटसोर्सिंग कोयला उत्खनन और पेस्ट फिलिंग का काम कर रही है, उसके अधिकारी के.के. सिंह और उनके कर्मचारियों द्वारा लालपुर और भेजीनारा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को बंद करने का प्रयास किया जा रहा था।
ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता दोनों गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, जिससे होकर बच्चे स्कूल और आंगनबाड़ी जाते हैं। साथ ही रास्ते के उस पार ग्रामीणों के पूर्वजों द्वारा निर्मित एक तालाब है, जहां वे अपने पूर्वजों का क्रियाकर्म करते आ रहे हैं।

जातिगत अपमान और जान से मारने की धमकी का आरोप
जब ग्रामीणों और पीड़ित महिलाओं ने इस सार्वजनिक रास्ते को बंद करने का विरोध किया, तो आरोप है कि कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी के.के. सिंह ने उनके साथ बेहद अभद्र और अपमानजनक व्यवहार किया। आवेदनों में उल्लेख किया गया है कि अधिकारी ने ग्रामीणों की जातिगत पहचान को निशाना बनाते हुए कहा कि यह जमीन हमारी है, तुम साले गोंड/तंवर गंवार आदिवासी हमें अपना कार्य करने दो। हमारे काम में किसी भी प्रकार की आपत्ति करोगे तो तुम लोगों को यहीं जमीन में गाड़ देंगे। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी भी दी।
ग्रामीणों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
इस घटना से आक्रोशित होकर ग्राम अरदा निवासी शंकर सिंह (तंवर आदिवासी) तथा भेजीनारा निवासी धर्मिन बाई, मीना बाई, अमेरिका बाई, जल बाई (गोंड आदिवासी) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण बांकीमोंगरा थाना और कोरबा अजाक थाना पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि सामूहिक रूप से इस तरह का अपमान और प्रताड़ना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि अधिनियम 1989 की सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी जांच शुरू की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी से भी इस विषय पर तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।

अब देखना होगा कि दिये गये ज्ञापन के अनुसार ग्रामीणों को क्या न्याय मिलता है। थाना पहुंचे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द उचित कार्यवाही नहीं होती तो आने वाले दिनों में सड़क जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान ग्रामीणों के साथ अरदा जनपद सदस्य श्रवण कुमार तंवर , विधायक प्रतिनिधि मोहन दास , KMP के केन्द्रीय उपाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह तंवर, योगेश अग्रवाल, राजेन्द्र सिंह, नारायण सिंह, अनिल मरकाम , भोला दास , राजू वर्मा ,मीना बाई, बिष्णु बाई, बंसती मरकाम, संतन बाई सैकड़ों संख्या ग्रामवासी उपस्थित थे।

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