पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं ग्राम पंचायत ढ़पढ़प/कसरेगा के ग्रामीण, सूख चुके हैं तालाब।
समार सिंह बिंझवार कि रिपोर्ट: कोरबा जिले कटघोरा विधानसभा अंतर्गत पंचायत ढ़पढ़प/कसरेगा में इस वक्त पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है। चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के बीच यहाँ के ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि दैनिक उपयोग तो दूर, पीने के साफ पानी के लिए भी लोगों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
तालाब भी सूखा, मवेशियों पर भी संकट
गांव की जीवनरेखा कहे जाने वाले स्थानीय तालाब इस समय पूरी तरह से मैदान में तब्दील हो चुके हैं। तालाबों में धूल उड़ रही है। पानी सूखने की वजह से न सिर्फ इंसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है, बल्कि बेजुबान मवेशियों (पशुओं) के लिए भी पीने के पानी का कोई जरिया नहीं बचा है। ग्रामीण पशुओं को लेकर पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं।
दूर-दूर से पानी ढोने को मजबूर ग्रामीण
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंपों ने भी साथ छोड़ दिया है या वे दूषित/कम पानी दे रहे हैं। घर की महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सुबह से ही पानी के इंतजाम में जुटना पड़ता है। कई किलोमीटर दूर स्थित कुओं या अन्य स्रोतों से सिर पर बर्तन रखकर पानी लाना यहाँ की नियति बन चुका है।
हर साल गर्मी में ऐसी ही स्थिति बनती है, लेकिन इस बार हालात बदतर हैं। प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेकर गांव में टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई शुरू करनी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
स्थानीय प्रशासन और जल विभाग के आला अधिकारियों से मांग की है कि ग्राम पंचायत ढ़पढ़प/कसरेगा में पेयजल संकट को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
