ग्राम पंचायत अचानकपुर में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन, मांगों को लेकर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़।

छत्तीसगढ़ /शक्ति जिला सक्ती के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत अचानकपुर में बीते 3 जून को ‘जन समस्या निवारण शिविर’ का आयोजन किया गया। इस शिविर में अचानकपुर सहित आस-पास के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी-अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर पहुंचे। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा करना और शासन की योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंचाना था।
ग्रामीणों ने रखीं प्रमुख मांगें, सौंपे आवेदन
शिविर में अलग-अलग विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ ग्रामीणों ने अपनी बुनियादी सुविधाओं को लेकर जमकर आवाज उठाई और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे:
विद्युत विभाग: ग्रामीणों ने गांव में कम वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या से निजात पाने के लिए नए ट्रांसफार्मर की पुरजोर मांग की।
खाद्य विभाग (राशन कार्ड): कई गरीब परिवारों ने शिकायत की कि उन्हें अभी तक राशन कार्ड नहीं मिला है, जिसके कारण वे सरकारी राशन से वंचित हैं। उन्होंने जल्द से जल्द नया राशन कार्ड बनाने की मांग की।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास: ग्रामीणों ने गांव के विकास के लिए नए तालाब निर्माण, सड़कों को पक्का (डामरीकरण/सीसी रोड) बनाने और पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन सौंपे।
विभिन्न विभागों ने दी सेवाएं, बांटे पौधे और दवाइयां
शिविर में केवल शिकायतें ही नहीं सुनी गईं, बल्कि कई विभागों द्वारा मौके पर ही ग्रामीणों को सेवाएं और सामग्रियां वितरित की गईं:
वन विभाग: पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग के अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को फलदार और छायादार पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया।
स्वास्थ्य विभाग (डॉक्टर): स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर में आए लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरत के अनुसार दवाइयां (गोली-सिरप) बांटीं।
अन्य विभाग: इसके अलावा शिक्षा विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पशु विभाग द्वारा पशुओं के स्वास्थ्य और देखरेख की जानकारी दी गई, वहीं शिक्षा विभाग ने विभागीय योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत कराया।
अधिकारियों का आश्वासन:
शिविर में मौजूद उच्च अधिकारियों ने ग्रामीणों की सभी शिकायतों और मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि राशन कार्ड, आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
इस शिविर के आयोजन से ग्रामीणों में एक उम्मीद जगी है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर प्रशासन अब त्वरित कार्रवाई करेगा।
