प्रबंधन के साथ बैठक रही बेनतीजा; मांगें पूरी न होने पर ‘पूर्ण नग्न’ आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
छत्तीसगढ़/कोरबा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के दीपका कोयलांचल क्षेत्र में कार्यरत ठेका कंपनी कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KCCL) के खिलाफ श्रमिकों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। कंपनी द्वारा श्रम नियमों के उल्लंघन और खुले शोषण से तंग आकर आज समस्त पीड़ित श्रमिकों ने अर्धनग्न (बिना शर्ट के) होकर SECL दीपका क्षेत्र के महाप्रबंधक (GM) कार्यालय तक मार्च किया और अपनी मांगों को लेकर एक अल्टीमेटम ज्ञापन सौंपा।
इस गतिरोध को सुलझाने के लिए आज दिनांक 10/06/2026 को केसीसी (KCCL) प्रबंधन द्वारा एक बैठक बुलाई गई थी। दुर्भाग्यवश, इस बैठक में प्रबंधन की ओर से कोई ठोस निर्णय या सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला, जिससे वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही। प्रबंधन के इस अड़ियल रवैये से नाराज होकर श्रमिकों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
मजदूरों के शोषण के मुख्य आरोप और मांगें:
- HPC दरों का उल्लंघन: श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी हाई पावर कमेटी (HPC) द्वारा निर्धारित दरों के तहत भुगतान न करके सीधे तौर पर मजदूरों के हक का पैसा मार रही है।
- श्रम नियमों की अनदेखी: दीपका क्षेत्र में कार्यरत माइनिंग सुपरवाइजर, मैकेनिक और हेल्पर्स को कोल इंडिया के नियमों के तहत तय वैधानिक मजदूरी दर नहीं दी जा रही है, जो अनुबंध की शर्तों का गंभीर उल्लंघन है।
“जब कंपनी मुनाफे के लिए नियमों को ताक पर रख सकती है, तो हम भी अपने हक के लिए सड़क पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे। आज हम अर्धनग्न हुए हैं, लेकिन अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो प्रबंधन हमें उग्र कदम उठाने के लिए मजबूर न करे।”
— आक्रोशित श्रमिक5 दिनों का अल्टीमेटम: 14 जून से चक्का जाम की चेतावनी
श्रमिकों ने SECL और KCCL प्रबंधन को अपनी मांगों के शांतिपूर्ण निराकरण के लिए 05 दिनों का समय (दिनांक 09/06/2026 से 13/06/2026 तक) दिया है।
यदि इस समयावधि के भीतर जायज मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो:
- दिनांक 14/06/2026 से कलिंगा कंपनी का कार्य पूर्णतः ठप कर दिया जाएगा।
- खदान क्षेत्र के चांदनी चौक एवं केसीसी कैंप गेट पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
- मांगें पूरी न होने की स्थिति में मजदूर पूर्ण रूप से नग्न होकर उग्र प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।
जिम्मेदारी का निर्धारण:
श्रमिकों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान होने वाले किसी भी प्रकार के अप्रिय घटनाक्रम, कानून-व्यवस्था की स्थिति या आर्थिक नुकसान की समस्त नैतिक और वैधानिक जिम्मेदारी शासन-प्रशासन, SECL प्रबंधन और मुख्य रूप से कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की होगी।
आज के इस आंदोलन और ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कलिंगा कंपनी के माइनिंग स्टाफ, सुपरवाइजर, मैकेनिक और हेल्पर्स एकजुट होकर उपस्थित रहे।

