कोरबा विनीता मौत कांड: सामान्य मौत या सुनियोजित साजिश, दफन के चौथे दिन कब्र खोदते ही मचा हड़कंप।
गौतम कुमार संवाददाता उरगा: उरगा थाना क्षेत्र के भलपहरी का मामला, तहसीलदार और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में निकाला गया शव।
मायके पक्ष के गंभीर आरोप: पति मुकेश पाटले और सास-ससुर पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और हत्या की साजिश का आरोप।
संदेह के घेरे में ससुराल पक्ष: बिना पोस्टमार्टम के आनन-फानन में शव दफनाने और ससुर द्वारा शव निकालने का विरोध करने पर उठे सवाल।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में विवाहिता विनीता की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। दफन के चौथे दिन शुक्रवार को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कब्र से विनीता का शव निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। इस कार्रवाई के दौरान ग्राम भलपहरी में भारी पुलिस बल, तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक टीम तैनात रही। शुरुआती दौर में मृतिका के ससुर ने शव बाहर निकालने (शव उत्खनन) का विरोध भी किया, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद कार्रवाई पूरी की गई।
अब विनीता के मायके पक्ष ने पति मुकेश पाटले और सास-ससुर पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी है, जिससे यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा कर रहा है।
दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा: परिजनों का आरोप है कि मुकेश और उसके माता-पिता विनीता को लंबे समय से दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। मुकेश आए दिन मारपीट और गाली-गलौज कर उसे घर से निकाल देता था। बच्चों के भविष्य को देखते हुए मायके वाले हर बार समझौता करा देते थे।
पहले भी की थी फांसी लगाने की कोशिश: मृतिका की मां ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कुछ महीने पहले भी मुकेश ने विनीता को फांसी लगाकर मारने की कोशिश की थी।
फर्जी ‘पंच-सरपंच’ का खेल: हाल ही में मुकेश कुछ रिश्तेदारों को “गांव का पंच-सरपंच” बताकर विनीता के मायके (गिधौरी) पहुंचा और समझाइश के नाम पर उसे वापस ले आया। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर उन रिश्तेदारों को फर्जी पंच क्यों बनाया गया।
शरीर पर चोट के निशान: परिजनों का दावा है कि मौत के बाद जब विनीता के शव को नहलाया गया, तो उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे। साथ ही नाक और मुंह से खून निकलने की बात भी सामने आई है।
अचानक मौत पर सवाल: विनीता की बहन ने बताया कि कुछ दिन पहले तक विनीता पूरी तरह स्वस्थ थी और एक शादी समारोह में डांस भी कर रही थी। फिर अचानक एक-दो दिन में ऐसा क्या हुआ कि उसकी मौत हो गई।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि “अगर मौत सामान्य या बीमारी से हुई थी, तो बिना पोस्टमार्टम कराए आनन-फानन में शव को क्यों दफनाया गया।
जब आरोपी पति मुकेश पाटले से इस बारे में सवाल किया गया, तो वह कैमरे के सामने गोलमोल जवाब देता नजर आया। उसने आरोपों को बेबुनियाद तो बताया, लेकिन इस बात का कोई जवाब नहीं दे पाया कि सब सामान्य था तो विनीता बार-बार मायके क्यों भागती थी और ससुराल पक्ष मौत की सही जानकारी देने से क्यों बचता रहा।
विनीता के शव का उत्खनन कर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच करा ली गई है। फिलहाल रिपोर्ट का इंतजार है, रिपोर्ट आते ही वैधानिक आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
अब पूरा मामला पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिक गया है। यही रिपोर्ट साफ करेगी कि विनीता की मौत किसी बीमारी की वजह से हुई या फिर वह दहेज और क्रूरता की बलिवेदी पर चढ़ गई।
